Health News: शरीर में विटामिन B12 की कमी होने पर अक्सर लोग सप्लीमेंट लेना शुरू कर देते हैं और उम्मीद करते हैं कि कुछ समय बाद इसकी मात्रा सामान्य हो जाएगी। लेकिन कई बार नियमित रूप से B12 लेने के बावजूद जांच में इसका स्तर कम ही रहता है। ऐसी स्थिति में केवल सप्लीमेंट की मात्रा बढ़ाना समाधान नहीं है। इसके पीछे शरीर में B12 के अवशोषण से जुड़ी समस्या भी हो सकती है।
B12 शरीर में आसानी से नहीं पहुंचता, पूरी प्रक्रिया समझना जरूरी
विटामिन B12 भोजन से शरीर में पहुंचने के बाद कई चरणों से गुजरता है। मांस, मछली, अंडे और डेयरी जैसे खाद्य पदार्थों में मौजूद B12 प्रोटीन से जुड़ा होता है। पेट में मौजूद एसिड इसे अलग करने में मदद करता है। इसके बाद यह इंट्रिंसिक फैक्टर नामक प्रोटीन से जुड़ता है और छोटी आंत के अंतिम हिस्से में शरीर द्वारा अवशोषित किया जाता है।
यही कारण है कि पर्याप्त मात्रा में B12 वाला भोजन लेने के बाद भी कुछ लोगों में इसकी कमी बनी रह सकती है। पेट या आंत से जुड़ी कुछ समस्याएं इस पूरी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं।
किन स्थितियों में B12 का अवशोषण प्रभावित हो सकता है?
लगातार B12 की कमी के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें एट्रोफिक गैस्ट्राइटिस, परनिशियस एनीमिया, सीलिएक रोग और क्रोहन रोग जैसी स्थितियां शामिल हैं। पेट या आंत की कुछ सर्जरी के बाद भी B12 के अवशोषण में परेशानी हो सकती है।
इसलिए यदि सप्लीमेंट लेने के बावजूद B12 का स्तर बार-बार कम आ रहा है, तो केवल दवा बदलने के बजाय इसके मूल कारण की जांच कराना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
सप्लीमेंट लेने के बाद भी क्यों बनी रह सकती है कमी?
सप्लीमेंट में मौजूद B12 भोजन की तरह प्रोटीन से बंधा नहीं होता, इसलिए उसे भोजन वाले B12 की तरह पेट के एसिड से अलग करने की जरूरत नहीं पड़ती। हालांकि शरीर में इसके सामान्य अवशोषण के लिए इंट्रिंसिक फैक्टर की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है।
कुछ परिस्थितियों में बहुत अधिक मात्रा में लिया गया B12 थोड़ी मात्रा में दूसरे रास्ते से भी शरीर में अवशोषित हो सकता है। इसी वजह से कुछ लोगों में अधिक खुराक वाली ओरल B12 दवाएं भी प्रभावी हो सकती हैं।
सिर्फ यह मान लेना भी सही नहीं है कि methylcobalamin हर व्यक्ति में cyanocobalamin से बेहतर अवशोषित होता है। लगातार कमी रहने पर सप्लीमेंट के प्रकार के साथ-साथ कमी के कारण को समझना जरूरी है।
खान-पान भी हो सकता है एक कारण
B12 मुख्य रूप से मांस, मछली, अंडे और दूध-दही जैसे पशु-आधारित खाद्य पदार्थों से मिलता है। जो लोग इन खाद्य पदार्थों का सेवन बहुत कम करते हैं या पूरी तरह पौध-आधारित आहार लेते हैं, उनके लिए फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ और डॉक्टर की सलाह से लिए गए सप्लीमेंट महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
ICMR-NIN की 2020 की सिफारिश के अनुसार वयस्कों के लिए विटामिन B12 की दैनिक आवश्यकता 2.2 माइक्रोग्राम बताई गई है।
हालांकि, लंबे समय से कम B12 होने पर केवल ज्यादा खुराक लेना ही सही तरीका नहीं है। पहले यह पता लगाना जरूरी है कि कमी का कारण क्या है।
कुछ दवाएं भी प्रभावित कर सकती हैं B12 का स्तर
लंबे समय तक मेटफॉर्मिन लेने वाले कुछ लोगों में B12 का स्तर कम हो सकता है। इसी तरह पेट में एसिड कम करने वाली कुछ दवाएं, खासकर प्रोटॉन पंप इनहिबिटर (PPI), भोजन से मिलने वाले B12 के अवशोषण को प्रभावित कर सकती हैं।
इसका मतलब यह नहीं है कि डॉक्टर की सलाह के बिना ऐसी दवाएं बंद कर दी जाएं। यदि B12 की कमी बनी हुई है, तो डॉक्टर को बताना चाहिए कि आप कौन-कौन सी दवाएं नियमित रूप से लेते हैं।
सिर्फ B12 रिपोर्ट देखकर फैसला करना हमेशा पर्याप्त नहीं
ब्लड टेस्ट में B12 का स्तर उपयोगी जानकारी देता है, लेकिन कुछ मामलों में अकेली यह जांच पूरी तस्वीर नहीं बताती। जब B12 का स्तर सामान्य से कम लेकिन सीमा के आसपास हो, तब डॉक्टर जरूरत के अनुसार Methylmalonic Acid (MMA) जैसी अतिरिक्त जांच की सलाह दे सकते हैं।
अगर B12 की कमी के साथ हाथ-पैर में झनझनाहट या सुन्नपन, कमजोरी, चलने में संतुलन बिगड़ना या याददाश्त/सोचने-समझने में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। B12 की कमी लंबे समय तक रहने पर तंत्रिका तंत्र भी प्रभावित हो सकता है।
B12 की कमी में सही सवाल क्या होना चाहिए?
यदि सप्लीमेंट लेने के बाद भी B12 का स्तर नहीं बढ़ रहा है या बार-बार कम हो रहा है, तो सवाल सिर्फ यह नहीं होना चाहिए कि “कौन-सा B12 सप्लीमेंट सबसे अच्छा है?”
बल्कि यह समझना ज्यादा जरूरी है कि शरीर B12 को पर्याप्त मात्रा में अवशोषित क्यों नहीं कर पा रहा है या इसकी कमी बार-बार क्यों हो रही है।
लगातार कमी की स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेकर खान-पान, दवाओं, पाचन तंत्र की स्थिति और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त जांच की समीक्षा कराना बेहतर विकल्प है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से है। B12 की दवा या उसकी खुराक डॉक्टर की सलाह के बिना शुरू या बंद न करें।
