5.22 करोड़ के सड़क टेंडर को लेकर सदन में हंगामा, स्ट्रीट लाइट, पानी, सड़क और सफाई व्यवस्था पर भी पार्षदों ने उठाए सवाल
दुर्ग। दुर्ग नगर निगम की सामान्य सभा में बुधवार को टेंडर प्रक्रिया और शहर की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर जमकर बहस हुई। खास बात यह रही कि सत्ता पक्ष के ही कुछ भाजपा पार्षदों ने महापौर अल्का बाघमार के समक्ष अपने सवाल और नाराजगी रखी। सड़क निर्माण के लिए जारी 5.22 करोड़ रुपये के टेंडर को लेकर सदन में करीब दो घंटे तक तीखी चर्चा चली। इस दौरान टेंडर प्रक्रिया को लेकर पार्षदों के बीच मतभेद भी सामने आए।
5.22 करोड़ के टेंडर पर दो घंटे तक चर्चा
सामान्य सभा में साइंस कॉलेज के पास से कैनाल रोड होते हुए दुर्ग रेलवे स्टेशन तक सड़क निर्माण के लिए प्रस्तावित 5.22 करोड़ रुपये के टेंडर का मुद्दा प्रमुख रहा। बैठक में बताया गया कि संबंधित टेंडर प्रक्रिया पहले भी चार बार निरस्त हो चुकी है। कुछ भाजपा पार्षदों ने आरोप लगाया कि टेंडर बार-बार एक ही पिता-पुत्र को मिल रहा है और इस प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण की जरूरत है।
इस मुद्दे पर सदन में करीब दो घंटे तक बहस चली। कुछ पार्षदों ने टेंडर को बहुमत के आधार पर आगे बढ़ाने की बात रखी, जबकि अन्य पार्षदों ने प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। लंबे समय तक चली चर्चा के कारण सामान्य सभा में यह मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा।
महापौर के जवाब से भी संतुष्ट नहीं दिखे कुछ पार्षद
टेंडर के साथ-साथ सामान्य सभा में सत्ता पक्ष के कुछ पार्षदों ने महापौर के समक्ष शहर की मूलभूत समस्याओं को भी उठाया। पार्षदों ने खराब स्ट्रीट लाइट, पेयजल आपूर्ति में बार-बार आ रही बाधा, सड़कों में गड्ढे और सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल किए।
पार्षदों का कहना था कि वार्डों में अपेक्षित विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं और इसका जवाब उन्हें अपने-अपने क्षेत्र की जनता के बीच देना पड़ रहा है। चर्चा के दौरान कुछ पार्षदों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें वार्ड में जनता के बीच जाने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
हर दो महीने में सामान्य सभा के आश्वासन पर भी सवाल
पद्मनाभपुर वार्ड के भाजपा पार्षद संजय अग्रवाल ने हर दो महीने में सामान्य सभा आयोजित किए जाने के आश्वासन को लेकर भी सवाल उठाए। पार्षदों ने नियमित रूप से सदन की बैठक होने और वार्डों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए पर्याप्त अवसर दिए जाने की आवश्यकता बताई।
महापौर अल्का बाघमार ने टेंडर प्रक्रिया का किया बचाव
वहीं, महापौर अल्का बाघमार ने टेंडर प्रक्रिया का बचाव करते हुए कहा कि 10 लाख रुपये से अधिक लागत वाले टेंडर ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से जारी किए जाते हैं और इसमें कोई भी पात्र व्यक्ति या संस्था भाग ले सकती है। उन्होंने पार्षदों से टेंडर की निर्धारित प्रक्रिया को समझने की बात कही।
सामान्य सभा में हुई यह बहस केवल एक सड़क टेंडर तक सीमित नहीं रही। बैठक के दौरान शहर की बुनियादी सुविधाओं, विकास कार्यों की गति और निगम की कार्यप्रणाली को लेकर भी पार्षदों ने सवाल उठाए। टेंडर को लेकर लंबे समय तक चली चर्चा ने नगर निगम की सामान्य सभा को काफी देर तक गरमाए रखा।
स्रोत: लल्लूराम की 30 सितंबर 2026 की प्रकाशित रिपोर्ट के आधार पर।
