पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने किया ‘विधिक प्रतिबिम्ब’ पुस्तक का विमोचन
रायगढ़। कानून के क्षेत्र में कार्य करने वाले अधिवक्ताओं, न्यायिक अभ्यर्थियों, पुलिस अधिकारियों, विधि के विद्यार्थियों और आम लोगों के लिए उपयोगी पुस्तक ‘विधिक प्रतिबिम्ब’ का विमोचन बुधवार को पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने किया। शंखदेव मिश्रा द्वारा लिखित इस पुस्तक में आपराधिक, सामाजिक, राजस्व और अन्य महत्वपूर्ण कानूनी विषयों को सरल एवं व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
पुस्तक में विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों तथा उनके कानूनी प्रावधानों को विस्तार से शामिल किया गया है। इसमें महिलाओं के प्रति अपराध, बलात्कार एवं सामूहिक बलात्कार, लैंगिक उत्पीड़न, दहेज कृत्य, महिला अपहरण, गर्भपात, पुनर्विवाह, विवाह-विच्छेद, भरण-पोषण अधिनियम, घरेलू हिंसा, बाल विवाह, सती प्रथा उन्मूलन, एसिड हमला तथा लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई है।
इसके अलावा पुस्तक में आबकारी अधिनियम, जुआ अधिनियम, संपत्ति के वैध अंतरण, राजस्व न्यायालय से संबंधित प्रमुख धाराएं, चकबंदी, आबादी भूमि, बेजाकब्जा, कृषि एवं वन संबंधी कानून जैसे विषयों को भी शामिल किया गया है। साथ ही मानसिक एवं शारीरिक रोगों के उपचार से संबंधित नियम, शांति भंग से जुड़ी धाराएं, वाहन संबंधी कानून, साइबर अपराध एवं बैंकिंग फ्रॉड, लोक अदालत और मध्यस्थता जैसे व्यावहारिक एवं वर्तमान समय से जुड़े विषयों को भी पुस्तक में स्थान दिया गया है।
पुस्तक की खास बात यह है कि इसमें अलग-अलग कानूनों और उनसे जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधानों को एक ही स्थान पर सरल भाषा में समझाने का प्रयास किया गया है। इससे कानून की जानकारी रखने वाले लोगों के साथ-साथ विधि के विद्यार्थियों और आम नागरिकों को भी संबंधित विषयों को समझने में सुविधा मिल सकती है।
विमोचन कार्यक्रम में उपस्थित अधिवक्ताओं एवं कानून से जुड़े लोगों ने पुस्तक को व्यावहारिक दृष्टि से उपयोगी विधिक संदर्भ सामग्री बताया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि बदलते कानून और न्यायिक प्रक्रिया के बीच ऐसी पुस्तकों की उपयोगिता बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि इस तरह की पुस्तकों से अधिवक्ताओं, विधि के विद्यार्थियों, पुलिस अधिकारियों और आम नागरिकों को विभिन्न कानूनी प्रावधानों को समझने तथा उनका व्यावहारिक उपयोग करने में सहायता मिल सकती है।
कार्यक्रम में सुनील सिंह ठाकुर, सत्यजीत शर्मा, चूड़ामणि बेहरा, महेंद्र सिंह यादव, उपासना होता सहित अन्य अधिवक्तागण एवं कानून से जुड़े लोग उपस्थित रहे।
कानून, अपराध, सामाजिक विषयों और राजस्व से जुड़े विभिन्न प्रावधानों को एक स्थान पर समाहित करने वाली इस पुस्तक का विमोचन विधि जगत से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण अवसर रहा। पुस्तक में समसामयिक सामाजिक समस्याओं के साथ विभिन्न कानूनी प्रावधानों को सरल रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिससे यह कानून से जुड़े लोगों के लिए एक उपयोगी संदर्भ पुस्तक के रूप में काम आ सकती है।
