करोड़ों की लागत से तैयार सिविल कोर्ट भवन, लोकार्पण का इंतजार बरकरार

छुरा रोड से नए भवन तक पहुंचा न्यायालय, भुगतान अटका तो हैंडओवर पर भी ब्रेक

19 साल बाद भी पुराने भवन से पूरी तरह नहीं मिली मुक्ति

राजिम।शहर के छुरा रोड स्थित सिविल कोर्ट को पिछले कई वर्षों से भवन संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है। न्यायालय भवन में पानी भरने के कारण जरूरी दस्तावेजों और अलमारियों को ऊंचाई पर रखना पड़ता है। वहीं गर्मी के दिनों में फरियादियों की संख्या बढ़ने पर बैठने और छाया की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से लोगों को पेड़ों के नीचे समय बिताने के लिए मजबूर होना पड़ता है। बताया जाता है कि इस बार के बरसात में तीन बार भवन पानी से भर चुका है अभी भी वर्षा हो रही है। इन समस्याओं को देखते हुए प्रदेश शासन ने नए सिविल कोर्ट भवन के निर्माण के लिए वित्त विभाग से राशि स्वीकृत की थी।
वर्तमान में कृषि उपज मंडी के सामने फिंगेश्वर-महासमुंद मार्ग पर नया सिविल कोर्ट भवन लगभग बनकर तैयार है। आकर्षक स्वरूप में तैयार भवन दूर से ही लोगों का ध्यान खींच रहा है। परिसर में दो बड़े प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। भवन का निर्माण पूरा होने के बाद अब शहरवासियों को इसके लोकार्पण और न्यायालय के नए भवन में स्थानांतरण का इंतजार है। हालांकि, अभी तक भवन का लोकार्पण नहीं हो सका है।
कुछ दिन पहले राजिम विधायक रोहित साहू ने भी निर्माणाधीन नए सिविल कोर्ट भवन का निरीक्षण किया था। इसके बावजूद भवन का शुभारंभ नहीं होने से शहर में चर्चा का दौर जारी है। लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि जब भवन लगभग तैयार हो चुका है तो न्यायालय को नए परिसर में शुरू करने में आखिर देरी क्यों हो रही है।
बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य से संबंधित करीब दो करोड़ रुपए का भुगतान लंबित है। चर्चा है कि जब तक ठेकेदार के खाते में लंबित राशि नहीं पहुंचती, तब तक भवन को पूरी तरह हैंडओवर करने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। हालांकि, भुगतान और हैंडओवर की वास्तविक स्थिति संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी ही स्पष्ट कर सकती है।

छुटपुट काम और सुविधाएं अभी बाकी

न्यायालय के बाबू से इस संबंध में जानकारी लेने पर उन्होंने बताया कि भवन का मेजर कार्य पूरा हो चुका है। कुछ छुटपुट कार्य अभी बाकी हैं, जिसमें ट्रांसफार्मर, जनरेटर सहित अन्य कार्य शामिल हैं। वर्तमान में न्यायालय में आठ नियमित कर्मचारी, हाईकोर्ट से एक कर्मचारी तथा नगर पालिका से तीन कर्मचारी कार्यरत बताए गए हैं। नए भवन में न्यायालय के स्थानांतरित होने के बाद कर्मचारियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

छह-सात महीने से भुगतान अटका

निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार के इंजीनियर राहुल टेमरे ने बताया कि पिछले छह-सात महीने से भुगतान रुका हुआ है। इसके चलते निर्माण कार्य से संबंधित दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने कहा कि भुगतान प्राप्त होने के बाद ही आगे की स्थिति के बारे में स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकेगा।

2007 में स्कूल भवन से शुरू हुआ था कैंप कोर्ट

राजिम में न्यायालय व्यवस्था का इतिहास भी करीब दो दशक पुराना है। वर्ष 2007 में व्यवहार न्यायालय कैंप कोर्ट राजिम का शुभारंभ उच्च न्यायालय बिलासपुर के न्यायमूर्ति एल. सिंह भादू के मुख्य आतिथ्य तथा तत्कालीन विधि एवं विधायी मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में किया गया था। उस समय उपयुक्त भवन उपलब्ध नहीं होने के कारण न्यायालय का संचालन स्कूल भवन से शुरू किया गया था। इसके बाद से करीब 19 वर्षों से न्यायालय व्यवस्था संचालित हो रही है।अब जब नया सिविल कोर्ट भवन लगभग तैयार है, तब राजिमवासियों को उम्मीद है कि जल्द ही न्यायालय नए भवन में संचालित होगा। बेहतर भवन मिलने से न्यायिक कार्यों के साथ फरियादियों और अधिवक्ताओं को भी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। ऐसे में नए भवन का लोकार्पण और न्यायालय का स्थानांतरण कब होगा, यह फिलहाल शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest