राजिम। पवित्र सोन तीर्थ घाट पर बिखरे सफेद कपड़े, पॉलीथिन और कचरे से धार्मिक स्थल की गरिमा को पहुंच रही ठेस को लेकर शनिवार को अखबार में प्रकाशित खबर का असर देखने को मिला। खबर प्रकाशित होते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आया और नगर पालिका के सफाई कर्मियों को घाट की सफाई के लिए भेजा गया। देखते ही देखते सफाई अमला घाट को स्वच्छ बनाने में जुट गया। किसी ने झाड़ू लगाकर सफाई की तो किसी ने इधर-उधर बिखरे कपड़ों और कचरे को समेटा। नदी के भीतर दिखाई दे रहे कपड़ों को भी बाहर निकाला गया।
शनिवार को ‘पवित्र स्थल की गरिमा को ठेस, सोन तीर्थ घाट पर बिखरे सफेद कपड़े, पॉलीथिन और कचरा’ शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद नगर पालिका परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी संतोष विश्वकर्मा ने सफाई कराने का आश्वासन दिया था। उन्होंने शनिवार को ही सफाई कार्य शुरू करवाकर अपना वादा पूरा किया। घाट की सफाई होने से यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली।
राजिम धर्मनगरी होने के कारण सोन तीर्थ घाट का विशेष धार्मिक महत्व है। यहां छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु अपने पूर्वजों की मुक्ति की कामना लेकर पहुंचते हैं। महानदी के त्रिवेणी संगम में अस्थि विसर्जन, पिंडदान और पवित्र स्नान के लिए वर्षभर लोगों का आना-जाना लगा रहता है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही के कारण घाट की नियमित सफाई बेहद जरूरी है। ऐसे पवित्र स्थल पर गंदगी का फैलना न केवल स्वच्छता, बल्कि धार्मिक आस्था से भी जुड़ा गंभीर विषय है।
श्रद्धालुओं को भी होना होगा जागरूक
प्रतिदिन घाट के पास पहुंचने वाले स्थानीय लोगों ने बताया कि घाट पर गंदगी फैलने का एक प्रमुख कारण स्नान के बाद सफेद कपड़ों को वहीं छोड़ देना है। बताया जाता है कि श्रद्धालु कमर में सफेद कपड़ा बांधकर स्नान करते हैं और बाद में उसे घाट पर या नदी में ही छोड़ देते हैं। इससे कपड़े पानी में डूबे रहते हैं या किनारे पर बिखरे दिखाई देते हैं। पॉलीथिन और अन्य कचरे के साथ ये कपड़े घाट की सुंदरता और स्वच्छता को प्रभावित करते हैं। ऐसे में प्रशासन की सफाई व्यवस्था के साथ श्रद्धालुओं को भी जागरूक होना होगा। यदि लोग कपड़ों और पूजन सामग्री को निर्धारित स्थान पर रखें तथा कचरा नदी और घाट पर न छोड़ें, तो इस पवित्र स्थल को स्वच्छ बनाए रखा जा सकता है।
श्रद्धालुओं ने पत्रिका को दिया धन्यवाद
शनिवार को बसना, देवभोग और कवर्धा से पहुंचे श्रद्धालुओं ने साफ-सुथरा घाट देखकर प्रसन्नता जताई। जब उन्हें पता चला कि अमन पथ में खबर प्रकाशित होने के बाद सफाई कराई जा रही है, तो उन्होंने इस पहल के लिए अमन पथ का आभार व्यक्त किया। अब जरूरत है कि घाट की नियमित सफाई सुनिश्चित हो और आमजन भी स्वच्छता बनाए रखने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं, ताकि सोन तीर्थ घाट की धार्मिक महत्ता और गरिमा बरकरार रहे।
राजिम से जितेन्द्र यादव (अमन पथ संवादाता ) की खास रिपोर्ट
