नवरात्रि की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार, आस्था के रंग में सजने लगा राजिम

तेल की कीमत बढ़ने से ज्योति कलश के शुल्क में ₹100 की बढ़ोतरी, 11 अक्टूबर को घट स्थापना और 20 को विसर्जन
राजिम, 3 अक्टूबर। शारदीय नवरात्र पर्व को लेकर राजिम शहर में तैयारियां तेज हो गई हैं। 11 से 20 अक्टूबर तक चलने वाले नवरात्र पर्व को लेकर शहर की दुर्गा समितियां लगातार बैठकें कर पंडालों को आकर्षक और भक्तिमय स्वरूप देने की तैयारी में जुटी हैं। अब तैयारियां जमीनी स्तर पर भी दिखाई देने लगी हैं। शहर के प्रमुख देवी मंदिरों में ज्योति कलश प्रज्वलित कराने के लिए पंजीयन शुरू हो गया है। वहीं मंदिरों में रंग-रोगन, विद्युत सजावट और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
शहर के मां शीतला महामाया प्रबंध समिति द्वारा कमलक्षेत्र की आराध्य देवी मां महामाया मंदिर में ज्योति कलश प्रज्वलित कराने के लिए रसीद काटने का कार्य जारी है। समिति ने इस वर्ष एक ज्योति कलश के लिए 801 रुपए शुल्क निर्धारित किया है। पिछले वर्ष यही राशि 701 रुपए थी। समिति के पदाधिकारियों के अनुसार तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण इस वर्ष ज्योति कलश की राशि में 100 रुपए की वृद्धि की गई है।
प्रबंध समिति के अध्यक्ष लीलेश्वर यदु सहित वाल्मीकि धीवर, अशोक श्रीवास्तव, फागुराम निषाद, पवन सोनी, जितेंद्र सोनी और कुंदन सोनी ने बताया कि 11 अक्टूबर, रविवार को घट स्थापना के साथ ज्योति कलश प्रज्वलित किए जाएंगे। 15 अक्टूबर, गुरुवार को ललिता पंचमी का आयोजन होगा, जबकि 20 अक्टूबर, मंगलवार को ज्योति कलश एवं जवारा विसर्जन किया जाएगा।
सुबह से देर शाम तक ज्योति कलश का पंजीयन
नवरात्र पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु ज्योति कलश प्रज्वलित कराने के लिए पंजीयन करा रहे हैं। समिति के सदस्य सुबह से देर शाम तक मंदिर परिसर में रसीद काटने का कार्य कर रहे हैं। मंदिर परिसर का रंग-रोगन कराया जा रहा है। साथ ही झालर और विद्युत रोशनी से मंदिर को आकर्षक रूप देने की तैयारी है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जा रहे हैं।मंदिर प्रबंधन का कहना है कि नवरात्र के दौरान दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मंदिर प्रांगण में प्रतिदिन जसगीत और सेवा गायन का आयोजन भी होगा। इसके लिए विभिन्न सेवा मंडलियों को आमंत्रित किया जा रहा है।
शहर के कई मंदिरों में जलेगी आस्था की ज्योति
राजिम में मां महामाया मंदिर के अलावा प्राचीन शीतला मंदिर, चंडी मंदिर, शक्ति मंदिर, कचना मंदिर, खंडोबा मंदिर, मां ब्रह्मचारिणी दरबार और दुर्गा मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों में भी ज्योति कलश प्रज्वलित किए जाएंगे। इसके साथ ही शहर के विभिन्न मोहल्लों और चौक-चौराहों पर बड़ी संख्या में दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी।
पंडित सुंदरलाल शर्मा चौक, गोवर्धन चौक, मां महामाया चौक, परमानंद चौक, थानापारा, मालवीय पारा, डोभा पारा, पटेल पारा, देवांगन पारा, राजीवलोचन मंदिर के सामने, वीआईपी रोड, गांधी नगर, रेस्ट हाउस के पास, सुभाष चौक, आमापारा, श्रीराम चौक, तहसील चौक, पथर्रा और नवाडीह सहित अन्य स्थानों पर तैयारियां जोर पकड़ रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी नवरात्र पर्व को लेकर समितियां तैयारियों में जुटी हैं।
घट स्थापना का शुभ मुहूर्त
इस बार घट स्थापना के लिए प्रात:कालीन मुहूर्त सुबह 6:19 बजे से 10:12 बजे तक रहेगा। इसके बाद अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:44 बजे से 12:31 बजे तक रहेगा। शुभ मुहूर्त में घट स्थापना के साथ ही नवरात्र पर्व की विधिवत शुरुआत होगी।
प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने दिन-रात जुटे मूर्तिकार
शहर के मेला ग्राउंड सहित कुछ अन्य स्थानों पर मूर्तिकार बड़ी संख्या में दुर्गा प्रतिमाएं तैयार करने में जुटे हुए हैं। इस बार बारिश और बाढ़ के कारण प्रतिमा निर्माण का काम प्रभावित हुआ है। इसके चलते अब मूर्तिकार लंबित आर्डर पूरे करने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। दिन-रात मेहनत कर प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि राजिम के मूर्तिकारों को छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से दुर्गा प्रतिमाएं तैयार करने के आर्डर मिले हैं। नवरात्र के दौरान होने वाले धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए भी सेवा मंडलियों और कलाकारों की बुकिंग शुरू हो गई है। इससे शहर में नवरात्र पर्व की तैयारियों ने और गति पकड़ ली है।

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