पितरों के छायाचित्र एक मंच पर सजे, मानस के सुरों से गूंजा पोखरा

पितर नवमी पर सामाजिक समरसता और पितृ मोक्ष की भावना से हुआ एक दिवसीय पितर मानस महोत्सव

राजिम, 5 अक्टूबर। पितृ पक्ष हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। भाद्रपद पूर्णिमा से शुरू होकर आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तक चलने वाले पितृ पक्ष में लोग पितरों की आत्मशांति के लिए श्राद्ध, तर्पण, पूजा और भोज आदि का आयोजन करते हैं। इसी परंपरा को सामाजिक समरसता और पितृ मोक्ष की भावना से जोड़ते हुए श्री त्रिवेणी संगम मानस शक्ति केंद्र बकली, राजिम के तत्वावधान में ग्राम पोखरा में पितर नवमी के अवसर पर एक दिवसीय पितर मानस महोत्सव एवं मानस संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में पोखरा गांव के पितरों को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एक अभिनव पहल की गई। गांव के पितरों के छायाचित्रों को एकत्रित कर मानस मंच पर एक साथ प्रदर्शित किया गया। इस पहल का उद्देश्य पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के साथ सामाजिक एकता, समरसता और पितृ मोक्ष की भावना को मजबूत करना रहा।
कार्यक्रम मम् राजीवलोचन जिला मानस संघ गरियाबंद के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। इस अवसर पर संघ के महामंत्री कुमान सिंह ध्रुव, ब्लॉक अध्यक्ष नंदकुमार यादव, उपाध्यक्ष टीकमचंद सेन, शक्ति केंद्र अध्यक्ष रामकुमार देवांगन, संरक्षक बसंत साहू, कोषाध्यक्ष दौलतराम साहू, उत्तम राम रावत, दिलीप साहू, शिक्षक भरतलाल साहू, संतोष साहू, अधिवक्ता भरतलाल साहू और संयोजक उमेश साहू प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत पोखरा के सरपंच डॉ. सियाराम साहू सहित भरत साहू, कोमल साहू, टिकेश साहू, हिरऊ राम साहू, रोशन साहू, बलिराम पटेल और हुलस यदु का विशेष सहयोग रहा।
त्रिवेणी संगम को बताया पितृ तर्पण का महत्वपूर्ण स्थल
कार्यक्रम में अतिथि के रूप में राजिम भक्तिन माता समिति के अध्यक्ष लाला राम साहू, जिला साहू संघ गरियाबंद के अध्यक्ष प्रवीण साहू, साहू समाज पोखरा परिक्षेत्र के उपाध्यक्ष ललित साहू उपस्थित रहे। वहीं अयोध्या धाम से रामलीला के प्रचार-प्रसार के लिए छत्तीसगढ़ प्रवास पर पहुंचे डॉ. संजीव कर्मकार वशिष्ठ भी सदस्यों के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए।
डॉ. संजीव कर्मकार वशिष्ठ ने कहा कि जिस प्रकार पितृ पक्ष में गया धाम का विशेष महत्व माना जाता है, उसी प्रकार छत्तीसगढ़ के प्रयागराज राजिम में त्रिवेणी संगम और भगवान राजीवलोचन महाप्रभु का विशेष महत्व है। यहां भगवान के दर्शन और पितरों के निमित्त किए गए धार्मिक कार्यों से पितृ देव प्रसन्न होते हैं।

मानस पाठ और भजनों से भक्तिमय हुआ वातावरण

महोत्सव में मानस वक्ताओं और मानस मंडलियों ने भक्तिमय प्रस्तुतियां दीं। मानस वक्ता गजानंद साहू, राजीव लोचन मानस मंडली परतेवा, कुमान सिंह ध्रुव, प्रज्ञा मानस मंडली सोरिद, रामकुमार देवांगन, श्री पीयूष मानस मंडली राजिम और नंदकुमार यादव फिंगेश्वर ने मानस प्रसंगों की प्रस्तुति दी।
इसी क्रम में श्री सत्संग मानस मंडली पोखरा, नव सूरज मानस मंडली खुड़ियाडीह, श्री पुरुषोत्तम मानस मंडली एवं सुंदरकांड समिति राजिम तथा अर्चना आदर्श महिला मानस मंडली बड़े करेली ने भी अपनी प्रस्तुतियां दीं। मानस पाठ और भक्ति गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर पितरों के प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया।

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