लैंगिक उत्पीड़न, PIC रजिस्टर में गड़बड़ी और शासकीय दस्तावेज घर में रखने की शिकायतों की जांच जारी
बिलाईगढ़। नगर पंचायत बिलाईगढ़ के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) यशवंत देवांगन के खिलाफ लगातार गंभीर शिकायतें सामने आने से प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। लैंगिक उत्पीड़न, भ्रष्टाचार, पीआईसी (प्रेसीडिंग/प्रस्ताव) रजिस्टर में कथित गड़बड़ी और महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेजों को निजी निवास पर रखने जैसे आरोपों को लेकर प्रशासनिक जांच चल रही है। इसी बीच नगर पंचायत के बैंक खाते से करीब 21 लाख 65 हजार रुपए की निकासी का मामला सामने आने से विवाद और गहरा गया है।
बताया गया कि स्वच्छता समूह की दीदियों ने CMO के खिलाफ कलेक्टर सारंगढ़-बिलाईगढ़ से शिकायत की थी। कलेक्टर ने मामले की जांच एसडीएम बिलाईगढ़ को सौंपी। एसडीएम ने जांच के लिए टीम गठित कर मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।
सरकारी दस्तावेज घर में रखने का आरोप

इसी बीच नगर पंचायत के प्रभारी अध्यक्ष अनूप जायसवाल ने CMO पर महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेज और पीआईसी रजिस्टर अपने निवास पर रखने तथा उसमें कथित तौर पर छेड़छाड़ किए जाने का आरोप लगाया। शिकायत के आधार पर 7 सितंबर को एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार CMO के निवास पर जांच के लिए पहुंचे। शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि पूछताछ के दौरान विवाद की स्थिति निर्मित हुई और अधिकारियों के साथ कथित रूप से बदसलूकी की गई। इसके बाद CMO द्वारा अधिकारियों के खिलाफ भी शिकायत किए जाने की बात सामने आई है।
14 अगस्त की PIC बैठक पर भी सवाल
प्रभारी अध्यक्ष अनूप जायसवाल ने थाना प्रभारी को शिकायत देकर आरोप लगाया है कि अध्यक्ष की अनुमति के बिना 14 अगस्त 2026 को पीआईसी की बैठक आयोजित की गई और संकल्प क्रमांक 21 में कथित रूप से नियम विरुद्ध प्रस्ताव पारित किया गया। उन्होंने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। शिकायत की प्रतिलिपि कलेक्टर सारंगढ़-बिलाईगढ़ को भी दिए जाने की बात कही गई है।
खाते से 21.65 लाख की निकासी का मामला
इन विवादों के बीच नगर पंचायत के बैंक खाते से 21 लाख 65 हजार रुपए की राशि निकाले जाने की जानकारी सामने आने के बाद नगर पंचायत में हड़कंप मच गया। नगर पंचायत के लेखापाल मणिशंकर साहू ने CMO को पत्र लिखकर निकाय के खाते से राशि आहरित किए जाने की जानकारी दी और संबंधित आहरणकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पत्र के साथ बैंक स्टेटमेंट की छायाप्रति भी उपलब्ध कराए जाने की जानकारी है। हालांकि राशि किसने और किस प्रक्रिया के तहत निकाली, इसका अंतिम खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा।
निष्पक्ष जांच और CMO को जांच से अलग रखने की मांग
लगातार सामने आ रही शिकायतों को देखते हुए जनप्रतिनिधियों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जांच पूरी होने तक CMO को संबंधित दस्तावेजों और जांच प्रक्रिया से दूर रखा जाए। वहीं प्रभारी अध्यक्ष ने CMO पर सहयोग नहीं करने और अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन को भी लिखित शिकायत दिए जाने की बात कही है।
बताया जा रहा है कि यशवंत देवांगन के पूर्व पदस्थापना स्थल थानखमरिया में भी उनके खिलाफ विवाद और शिकायतें सामने आ चुकी हैं। हालांकि इन सभी आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच के निष्कर्ष के बाद ही हो सकेगी।
